Hum Ladki hain Sahab

बाहर आज़ाद तो मर्द ज़ात है,
हमें तो हर कदम फूंक-2 कर रखना पड़ता है.
हम लड़की हैं साहब,
हमें तो हर जगह संभल-2 कर चलना पड़ता है.

Author: chillMar

1 thought on “Hum Ladki hain Sahab

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